Friday, July 25, 2014

सोच विचार !

ज्यादा ज्ञानी बूध्हिमान व अति सोच विचार करने वाला हमेशा परेशान एवं दुखी रहने के साथ ह्रदयहीन होने कि ओर अग्रसर रहता है !






प्रेम धर्म अति चूलबूलो पकड़ पावें गंभीर,

यहाँ हारन को तैयार जो वो कहलावे वीर,

लूचन्न कि बस्ती में भूखो मरे कबीर,

दुनिया भई सयानी गदहे बने वज़ीर,

चार धाम घर आयो मोरे मीरा नाची संग नीर,

मैं घबडाऊं रात दिन टूट रही जंजीर,
 


अगस्त्य

 

Monday, July 21, 2014

Trust !

विशवास कीजिये की ये दुनिया विशवास करने योग्य है ;

और इसका सबसे बड़ा फायदा आपको ये होगा की -

आप इस दुनिया के कुछ विशवास पात्र बन सकते हैं !

Agastya